B.A PART -1-2-3 survey file (सर्वेक्षण फाइल)
Hello friends
Mera name imran Khan joiya h
So kese h ap log umid h ap sb ache hoge
To me apko bta deta hu ki apko B.A PERT -1-2-3 KI सर्वेक्षण फाइल S.N.D.B.GOVT COLLEGE NOHAR
सर्वेक्षण फाइल ढाणी लाल खाँ (नोहर)बनाने के लिये डावनलोड करे
1. प्रस्तावना :- क्षेत्रीय अध्ययन की आवश्यकता भूगोल की भौतिक विज्ञान है सभी भौगोलिक लक्षण भू-पटल पर पाएं जाने वाली इस विभाजेता के कारण ही भौगोलिक लक्षणों जैसे उच्चावच, जलवायु,मर्दा वनस्पति कृषि उद्योग व जीवन शैलीयो मैं व्यस्क विभिन्नता पाईं जाती है भौगोलीक इकाइयों शक्तियों
2. अध्ययन क्षेत्र का चयन :- हम इस सर्वेक्षण के अनुसार हनुमानगढ़ जिले के नोहर तहशील के गांव ढाणी लाल खा का अध्ययन करेंगे इसके अंतर्गत भौगोलिक व क्षेत्रीय अध्ययन का विश्लेषण करेंगे
3. क्षेत्र परिचय :- ढाणी लाल खा हनुमानगढ़ जिले के नोहर तहशील में स्थित है जो कि नोहर से ऐलनाबाद जाने वाले मार्ग पर स्थित है गांव ढाणी लाल खा आज से लगभग 258 वर्ष पहले बसा हुआ है सबसे पहले लाल खा व नाहर खा दो भाई आऐ थे उनमें बड़ा भाई नाहर खा व छोटा भाई लाल खां किसी समय उन दोनों भाइयों की किसी के साथ लड़ाई हो गई थी जिसमें लाल खां का एक हाथ कट्ट गया उसी समय इस गांव का नाम लाल खां कि ढाणी रख दिया इन दोनों भाइयों के परिवार आज भी इस गांव में बड़ी सानो सोकत के साथ इस गांव में निवास कर रहे हैं वर्तमान में इनकी 9 पिड्डी चल रही है
यह मुख्य रूप से एक बड़ी मस्जिद, राधा कृष्ण मंदिर, गोगामेड़ी, हनुमान मंदिर, रामदेव मंदिर, सरकारी अस्पताल,12 तक का सरकारी स्कूल व 12 तक का प्राइवेट स्कूल,पिने के पानी के लिए 3 होद वह 2 बड़ी कुंड बनीं हुईं हैं और पशुओं को पानी पिलाने के लिए 3 बड़े जोहड़ बनें है और गांव में आवारा पशुओं के लिए एक बड़ी गौशाला बनी हुई है यहां मुस्लिम हिन्दू धर्म के लोग बड़े ही प्रेम व भाईचारे के साथ रहते है सर्वेक्षण से यह भी पता चला है कि जलवायु सिंचाई वर्ण जलवायु जनसंख्या, कृषि उद्योग, पशुपालन वह शिक्षा आदि विभिन्न बिंदुओं कि जानकारी मिली हऐ
4. गांव ढाणी लाल खां कि स्थिति :- गांव ढाणी लाल खां आर्थिक दृष्टि से सम्पन्न है इसकी स्थिति बहुत ही न्युनतम है गांव ढाणी लाल खां वर्तमान में हनुमानगढ़ जिले के नोहर से स्थित है यह तहसील के मुख्यालय से लगभग 20 किलोमीटर दूरी पर स्थित है गांव के उत्तर दिसा में स्थित है शयोदानपुरा पुर्व दिया है 7-9 KNN स्थित है दक्षिण दिशा में देईदास गांव स्थित है पश्चिम दिशा में ढढेला गांव स्थित है इन सभी गांव ढाणी लाल खां विशिष्ट महत्व है गांव के अधिकार लोग कृषि उद्योग पर निर्भर है इस गांव के चारों और रेत के टिल्ले हैं जो मनोरंजन दिखाईं देती है
5. यातायात के साधन :- यातायात के लिए साधन किसी भी स्थान के लिए विकास के लिए महत्वपूर्ण होता है क्योंकि दुर दराज के रास्तों को आपस में जोड़ने के लिए दुरी को कम करतें हैं ढाणी लाल खां के लिए यातायात के साधनो की दृष्टि से महत्वपूर्ण साधन है जब गांव बसा था तब से आवागमन के साधनो का अभाव था गांव के उत्तर दिसा में स्थित 3 किलोमीटर दूर गांव खिनानिया है जहां हमारे नजदीकी रेलवे स्टेशन है जो कि 1927 में राजा गगासिहं के समय से निकलीं थीं जहां से यातायात है गांव से सड़क मार्ग जो नोहर वह ऐलनाबाद की और जाता है गांव के गांव के महत्वपूर्ण साधन है ऊंटगाड़ी है गांव में 100 ऊट है 50 साइकिल है 140 ट्रेक्टर है 50 गाडियां हैं 15 ट्रक है 400 मोटरसाइकिल है
6. जलवायु :- गांव ढाणी लाल खां विषम जलवायु वाला प्रदेश है क्योंकि समुद्र से दूर स्थित है गांव में वर्षा का समय अनिश्चित है वर्षा दो चरणों में होता है
¹ ग्रीष्मकालीन वर्षा
² शितकालीन वर्षा
गांव की कुल 90% भाग कृषि ग्रीष्मकालीन वर्षा से होता है शेष शितकालीन में होता है
7. तापमान :- गांव ढाणी लाल खां में ग्रीष्म ऋतु में 40% से उच्च तापमान रहता है जून - जुलाई के महिने में गर्म हवाएं चलती है जिसे सामान्य तोर पर लूं कहते हैं शर्दियो में दिसंबर - जनवरी के महीने में तापमान 10° से 15° तक रहता है
8. सिंचाई के साधन :- वर्तमान में गांव ढाणी लाल खा में सिंचाई के साधनो का अभाव है गांव की 95% वर्षा के आभाव है गांव की कुल भूमि की 10% भूमि नहर के द्वारा सिंचित होती है
¹ इकाई पर आधारित कृषि भूमि
² नहर द्वारा सिंचित भूमि जिसमें गांव का विकास होगा और लाभ में भी वृद्धि होगी
9. पीने के पानी की समस्या :- गांव ढाणी लाल खां में पीने के पानी की व्यवस्था कुओं से होती थीं अब जलदाय विभाग द्वारा डिग्गी का निर्माण कराया गया है वर्तमान में गांव ढाणी लाल खां में जलसंकट नहीं है ग्रीष्मकालीन में जब भी नहरों द्वारा सिंचाई कि जाती है
10. कृषि उत्पादन :- यहां के लोगों का मुख्य व्यवसाय है तो वह है कृषि गांव में कृषि उत्पादन होने वाली फसलों को दो भागों में बांट दिया गया है
¹ खरीफ की फसल
² रवी की फसल
खरीफ की फसल में बाजार,ग्वार,मोठ,तिल,मुग, आदि बोये जातें हैं जहां कुछ मात्रा में तरबुज, खरबुजा,क्कडी भी बोते हैं
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